30
October 2014
23:34
-इंदु बाला
सिंह
आज शाम
अस्पताल
में भर्ती हुआ
एक बीमार
बुजुर्ग
व्हील चेयर पर
बिठा लिफ्ट में चढ़ाया गया वह
और पीछे थे
उसके
एक औरत एक
युवा और एक दस वर्षीय लड़का
लिफ्ट में
चढ़ते वक्त
चमक रहीं थी
आखें उस दस वर्षीय बालक की .....
पांच मिनट बाद
ही सीढ़ी से
ऊपर नीचे होने
लगा था वह बालक
वह निश्चिन्त
था
उस छोटे से
अस्पताल में
रात भर तब तक
खेलेगा वह लड़का
जब तक कि उसकी
माँ
उसे डांट कर
सोने न बुला लेगी फर्श पर
घर से दूर यह
अस्पताल
एक अद्भुत नया
स्थान था
उस बालक को
खेलने के लिये
और
उस बालक के
आखों की चमक ने
चमका दिया
मेरा अँधियारा
आकाश |
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