शनिवार, 22 नवंबर 2014

उठी पुकार


20 November 2014
07:15
-इंदु बाला सिंह

ओ रे जगबंधु !
उठी जो पुकार भोर भोर
उस रिटायर्ड कैंसर से जंग जीती महिला की
तो
घर बोल उठा
आह्वान कर उठा परमसत्ता का
हार गयी फ़िल्मी भजन
और
शंखनाद की आवाज ने
जगाई शक्ति सोये घर की
मैं हूं अभी .......
आलोकित होने लगा आकाश ........
अड़ोस पड़ोस में भी भोर हो रही थी |

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