My 3rd of 7 blogs, i.e. अनुभवों के पंछी, कहानियों का पेड़, ek chouthayee akash, बोलते चित्र, Beyond Clouds, Sansmaran, Indu's World.
रविवार, 24 मई 2026
मैने उसे सदा अकेली पाया
बीते कल की याद
कलछुल की मार
वह अपने ब्याह में सूटकेस भर बर्फी लाई थी
मुझे बर्फी खाने में बहुत मजा आया था
वह प्लस टू पास थी
सुना था मैने
किसी बात पर कळछुल से मार कर जेठ ने सिर फोड़ दिया था उसका
निकम्मे पति की पत्नी थी वह
एक बार मैके गयी तो फिर न लौटी वह
वह मेरी भाभी थी ।
बुधवार, 8 अप्रैल 2026
कॉलेज के बच्चे
लड़के ने गर्लफ्रेंड को हड़काया - दूंगा एक झाप ठीक हो जाएगी
गर्लफ्रेंड चुप रही
ये कैसी दोस्ती थी
एक लड़की का अपने ब्वाय फ्रेंड के सिर पर चंपी कर रही थी
पार्क में ब्वॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड की बहार रहती है
सैर करनेवाले निस्पृह सैर करते रहते हैं
इन बच्चों की दुनियां सुंदर स्वप्निल है
ये कॉलेज में जिंदगी का नॉलेज खोजते हैं ।
रविवार, 5 अप्रैल 2026
प्रवासी मजदूर
1
पुरुष जा रहे गांव
गैस सिलिंडर पांच हजार का एक
होटल बंद
क्या खाएंगे
क्या पत्नी , बच्चों को खिलाएंगे
क्या गांव में भेजेंगे
स्टेशन में गांव लौटनेवाले मजदूरों की भीड़ है
लौटेंगे जब सिलिंडर का दाम कम होगा
2
शहर में महिला
अकेली है
माता पिता चिंतक हैं
सिलिंडर का दाम पांच हजार हो गए
इंडक्शन खरीदने के लिए पांच हजार भेज देना
पानी खरीद कर पीती हूं
खर्चे बहुत हैं
पिता चिंतित हैं
मां दुखी है
शादी हो गई होती लड़की की तो निश्चिंतता होती
लड़की व्यस्त है ..... मस्त है
कहीं युद्ध हुआ है
देशवासी त्रस्त हैं ।
3
प्रवासी मजदूरों के लिए
छोटू सिलिंडर योजना शुरू की गई है
हम पता करेंगे
कैसे नहीं मिल रहा कुकिंग गैस सिलिंडर।
मैं अनबुझ हुं
पिता के मकान में
गरीबी के पल में
बच्चों समेत सीमेंट के फर्श पर सुस्ताती हूं
याद आता है
दादा का गांव का विशाल मिट्टी का मकान
मिट्टी के फर्श पर चाची के बगल लेटा निश्चिंत बचपन
हर शाम व्यस्त हो जाती हूं ड्राइंग रूम की बहस में
गुटबाजी में
पितृ सत्ता को कोसने में ।
बुधवार, 1 अप्रैल 2026
घर ही जीवन है ।
हर घर में कोई न कोई रहता है
मां, बहन , भाभी , मौसी , बुआ , भांजी , भतीजी
हर घर पुकारता है
थके यात्री को
रिश्तों को
पुरुष रिश्तों को .....
मकान में घर है
और घर में मिठास है ।
गरीब वर्ग अपना मकान अपनी पत्नी के नाम कर जाता है
स्त्री है तो घर है ।
शुक्रवार, 27 मार्च 2026
महिलाओं का उत्थान
असंतोष है
प्रतिक्रिया है
पर घर में ही संगठित नहीं है औरत
परिवर्तन कैसे हो
सत्ता क्या बदलेगी
खाली राजनीतिक मुद्दा हैं औरतें
मीडिल क्लास वर्ग हो या मजदूर वर्ग हो
घर की आर्थिक आय बढ़ाने का श्रोत हैं औरतें ।
चार कदम आगे हैं
पर उसी पल वे तीन कदम पीछे हो जाती हैं औरतें ।
सोमवार, 23 मार्च 2026
जेंडर इनएक्यूएलिटी
किसी ने न बुलाया उसे
अपने तीज त्यौहार में
घर के शादी , मरण में
मकान के दूसरे हिस्से में रहनेवाले उसके सगे भाई को बुलावा आता रहा
हर घर से
वह रहती रही अपने बच्चों के साथ समाज से कटी ।
शायद भगवान ने भी अपनी निगाहें फेर ली थी ।
गुरुवार, 12 मार्च 2026
सोंच में पड़ी हूं।
ईरान में जंग छिड़ी
मेरे देश में
कुकिंग गैस की किल्लत हो गई ।
मै परेशान हो गई
दो हजार दो एक भरा सिलिंडर ले जाओ
दिव्य ज्ञान मिला मुझे
आंख से खून टपका मेरे
चिंता न करनी चाहिए सिलिंडर की
सरकार समाधान करेगी समस्या का
एक महिला ने मुझे ढाढस दिया
मुझे कोविद काल याद आया
देखते देखते कितने परिचित काल के गाल में समा गये थे
मैने अपने पासबुक को जोर से पकड़ा
इसमें मात्र हजार रुपये थे इस वक्त
कहा से लाऊंगी बाकी के हजार रुपये
सोंच में पड़ गई
होश है
तो
कल्पना ही ।
गुरुवार, 5 मार्च 2026
जीवन संध्या में गृहणी
थका हारा मेरा मन
कभी खुद
तो
किसी के कहने पर मजबूरी में
घर में
देवी देवताओं के पूजन के कर्मकांड लगा रहता है
हर दिन किसी न किसी देवी देवता का है
थक जाती हूँ मैं
रसोई और रिश्तों का सम्हालते
अपने लिए कोई समय नहीं
इतना करने पर भी मुझमे ही कमी है लोगों की निगाह में
आज सोचूँ मैं
क्या हर अपने काम के बाद ईश्वरीय बंदन मौन हो के क्यों नहीं किया
क्यों मैने दूसरों की नकल किया
क्यों अपना समय कर्मकांड में खोया
धनोपार्जन के बारे में न सोंचा
क्यों निर्भर रही आजीवन
किसी के पैसों और मकान के सहारे जीवित रही ।
मंगलवार, 3 मार्च 2026
प्रार्थना
नसीब की बेटी हैं बच्चियां
जिनकी मां गुलाम है
कितना भी कर ले मां
विभिन्न रूप धर पुरुष शोषण करता है उसका
कभी अपने शारीरिक सुख के लिए खेलता है उससे
तो कभी मां मानमर्दन के लिए धमकाता है उसे
अपनी मित्र मंडली में परोसता है उसे
अच्छा बन छोड़ जाता है एक दिन वह उसे समय से जूझने
ओ बच्चियों
तुझमें मुझे मेरी खुशी कैद है
तू मां है
मैने तुझे मां बनने मौका न दिया
मैं गुनहगार हूं तेरी
मै तुझे दुनिया में लाई
पर जीने का मौका न दे पाई
मुझ पर ईश्वर का वज्र गिरे यही प्रार्थना है मेरी ।
रविवार, 1 मार्च 2026
विकास चाहिए
मंगलवार, 17 फ़रवरी 2026
लड़की सोंच में
सुरक्षित और सुखी रहेगी
घर में लड़की
कह कर दान कर दी गई वह
लड़की खुश थी
दूसरों की कमाई खाने की आदत थी
गाँव छूटा
अफसर की बीबी बनी
ए ० सी० , कुकिंग गैस , तीन तीन नौकर राज मिला
अफसर के एक वाक्य ने स्वप्न तोड़ दिया उसका
- तुम्हारे बाप का घर नहीं है ये ।
आज वह दिग्भ्रमित है ।
गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026
हथियार
बच्चे पैदा करने के एवज में मिले खाना
सबल तलाशे अपना सुख
मातृत्व के नाम पर पूजनीय बनाया उस ने
पैसे कमाना सीख
ओ री लड़की ।
सेवा से न मिले मेवा
बच्चे पैदा करने के एवज में मिले खाना
सबल तलाशे अपना सुख
मातृत्व के नाम पर पूजनीय बनाया उस ने
पैसे कमाना सीख
ओ री लड़की ।
गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026
बुधवार, 4 फ़रवरी 2026
ईश्वर को ढूंढूं मैं
एपिस्टिन फाइल खुल रही थी
ईश्वर गायब था
बच्चियां मर रहीं थीं
पका कर खाई जा रहीं थी
अबोध लड़कियां गायब हो रहीं थीं
किसी अखबार ने खबर छापा था
एक बलात्कार की भुक्तभोगी ने लिखी थी आत्मकथा
माहौल में सनसनी थी
सोया मुद्दा गरमाया
बालिका संरक्षण गृह क्यों बनता है
घर में अपनों के पास बालिकाऐं सुरक्षित नहीं हैं क्या ।
इतिहास की राजनीति
संतान का पैर आपके जूते में सामने लायक हो जायेगा एक दिन
याद रखें
अपरिचित हो जाएंगे वे आपके लिये
मोहमुक्त रहना सुख देता
आपकी छाया नहीं धन चाहिए
उन्हें
नया विश्रामागार भाये
इतिहास की राजनीति करते वे ।
रविवार, 25 जनवरी 2026
मां का गणतंत्र दिवस
बच्चे थे
गणतंत्र दिवस था
वह स्कूल यूनिफार्म पहने बच्चों को सूर्योदय से पहले स्कूल बस में बैठाने निकलती थी
अब बच्चे बड़े हो गए हैं
विदेश में रहते हैं
खूब कमा रहे हैं….....
आज घर चुप हैं
ठंडा है
चाय पीनी पड़ेगी
वह रसोई में चल दी ।
मंगलवार, 6 जनवरी 2026
कुलबुलाता भूतकाल
खाना पकाते समय हाथ में आता है
भगोना , थाली , डेगची
और
उनके संग जगता है सोया इतिहास
गैस चूल्हे के संग जगती है
कोयले की अंगीठी
और
कोयला खरीदने के लाइन में लगी एक बालिका
और
हंगामा
कुचली जाती है
कोयला भरे ट्रक से लाइन में लगी पांच वर्षीय लड़की .....
सेल के टाउनशिप की बेटी मैं
याद करती हूं
सेल का अस्पताल
डाक्टर की लाइन में एक पंद्रह वर्षीय लड़की
दर्द देते दांत को निकलवा कर साइकिल से लौटती घर
रात में कम्युनिटी सेंटर में फिल्म देख कर पड़ोसियों के संग लौटती लड़की
बस सांसे लेती रहती है वह अबोध लड़की .....
हम लिख नहीं पाते भविष्य तो
दुलारता है भूतकाल ।