30
November 2014
12:23
-इंदु बाला
सिंह
समय के झूले
में झूल
सीख
पाठ समय से
बड़े
हुये ......
कभी न ठगा
अपने शिक्षक
को हमने ..........
तो
परशुराम सरीखा
कैसे शापित
करेगा
हमें समय
.........
कभी
न भूलेंगे
युद्ध कौशल
रणस्थल में हम
|
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