रविवार, 24 मई 2026

मैने उसे सदा अकेली पाया



वह बरामदे की सीढ़ी पर  बैठी है 

उसके संग उस के रिश्ते हैं 

गांव के परिचित हैं 

पोखरी का पानी है 

अमराई है 

छांव तले खेलते लड़के हैं

स्कूल कॉलेज के मित्र है 

खट्टे मीठे अनुभव हैं 

पेड़ पौधे हैं 

बरसते बादल हैं 

सामने चिलचिलाती धूप भी बैठी है

सभी बतियाते हैं उससे

वे सदा उसके साथ रहते हैं 

सबको जीना है

चरित्र बनना है

सबको शब्द चाहिए

कोलाहल सा रहता है उसके मन में 

सभी पात्रों को 

जीना है पुस्तकों में 

वह  सो जाती है 

तो कभी-कभी वे उसके सपने में आते हैं 

वह अकेली नहीं है 

रास्ते में चलते समय भी वे उसके साथ-साथ चलते रहते हैं 

वह लेखक है ।


जीवन संध्या



जीवन के उत्तरार्ध में 

टूट जाता है दिल 

और 

निर्मोही हो जाता है मन ।


बीते कल की याद



वे भी दिन थे 

एक पल की खुशी के सहारे जीवन बीत जाता था 

बड़े खुले घर थे 

पांच किलो चावल का जमाना न था 

सुख दुःख सांझे थे

गीतों के संग जीते थे

सूरज देवता और दयू का सहारा था

संतुष्टि थी 

शहर विदेश था 

अंग्रेजों से त्रस्त थे 

आकांक्षा कम थी 

हम खुश थे ।


कलछुल की मार


 

 

 

वह अपने ब्याह में सूटकेस भर बर्फी लाई थी

 

मुझे बर्फी खाने में बहुत मजा आया था

 

वह प्लस टू पास थी

 

सुना था मैने

 

किसी बात पर कळछुल से मार कर जेठ ने सिर फोड़ दिया था उसका

 

निकम्मे पति की पत्नी थी वह

 

एक बार मैके गयी तो फिर न लौटी वह

 

वह मेरी भाभी थी ।

बुधवार, 8 अप्रैल 2026

कॉलेज के बच्चे

 


 

 

लड़के ने गर्लफ्रेंड को हड़काया - दूंगा एक झाप ठीक हो जाएगी

 

गर्लफ्रेंड  चुप रही

 

ये कैसी दोस्ती थी

 

एक लड़की का अपने ब्वाय फ्रेंड के सिर पर चंपी कर रही थी

 

पार्क में ब्वॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड की बहार रहती है

 

सैर करनेवाले निस्पृह सैर करते रहते हैं

 

इन बच्चों की  दुनियां सुंदर स्वप्निल  है

 

ये कॉलेज में जिंदगी का नॉलेज खोजते हैं  ।

रविवार, 5 अप्रैल 2026

प्रवासी मजदूर

 


 

1

 

 

पुरुष जा रहे गांव

 

गैस सिलिंडर पांच हजार का ए

 

होटल बंद

 

क्या खाएंगे

 

क्या पत्नी , बच्चों को खिलाएंगे

 

क्या गांव में भेजेंगे

 

स्टेशन में गांव लौटनेवाले  मजदूरों की भीड़ है

 

लौटेंगे जब सिलिंडर का दाम कम होगा

 

 

 

2

 

 

शहर में महिला

 

 

अकेली है

 

माता पिता चिंतक हैं

 

सिलिंडर का दाम पांच हजार हो गए

 

इंडक्शन खरीदने के लिए पांच हजार भेज देना

 

पानी खरीद कर पीती हू 

 

खर्चे बहुत है

 

पिता चिंतित है

 

मां दुखी है

 

शादी हो गई होती लड़की की तो निश्चिंतता होती

 

लड़की  व्यस्त है  ..... मस्त है

 

कहीं युद्ध हुआ है

 

देशवासी त्रस्त है

 

 

 

3

 

 

प्रवासी मजदूरों के लिए

 

छोटू सिलिंडर योजना शुरू  की गई है

 

हम पता करेंगे

 

कैसे नहीं मिल रहा कुकिंग गैस सिलिंडर।

मैं अनबुझ हुं


 

 

पिता के मकान में

 

गरीबी के पल में

 

बच्चों समेत सीमेंट के फर्श  पर सुस्ताती हूं

 

याद आता है

 

दादा का  गांव का विशाल मिट्टी का मकान

 

मिट्टी के फर्श पर चाची के बगल लेटा निश्चिंत बचपन

 

हर शाम व्यस्त हो जाती हू ड्राइंग  रूम की बहस मे

 

गुटबाजी में

 

पितृ सत्ता को कोसने मे