शुक्रवार, 24 जुलाई 2026

कर्मगति



सोच कर बोलना 

दिल न दुखाना जन्मदाता का 

कर्मगति टारै नहीं टरेगी 

जन्मदाता न रहेंगे 

उनकी यादें 

उन संग बीता बचपन रह जाएगा ।

बेहया


परिस्थितियों की आंधी में

मैं फौलाद बनना चाही

पिता जैसा मजबूत बनना चाही

दयालु और दृढ़ निश्चयी बनना चाही

मेहनतकश बनना चाही

दिन बीतते गये

मैने माँ की तरह बच्चे पैदा किये

बच्चे बड़े हुए

और

औरत ही बनी रही

न तो माँ बन सकी और न ही पिता

बस

बेहया का पौधा बन गई ।

बुधवार, 8 जुलाई 2026

अस्पताल की अटेंडेंट



मैं अटेंडेंट हूँ 

आपको मेरी सेवा चाहिए ?

मेरा बारह घंटे  का चार्ज छः सौ रुपये है।

बुखार से बदन तप रहा था मेरा 

मुझे चौबीस घंटे की देखभाल चाहिए थी

दो अटेंडेंट शिफ्ट में रहने लगे मेरे पास

नित्यक्रिया से ले कर कपड़े बदलना 

डाक्टर को बुलाना 

मेरी हर जरूरतों को पूरा किया उन्होंने

वे घर का खाना बना कर अपना खाना साथ लातीं 

दोनों के मर्द घर में रहते 

अपनी पत्नियों से झगड़ते

तीन दिन के बाद मैं डिस्चार्ज हुई

मैं उनके पैसे दे कर निकलने लगी 

उन्होंने मेरे हाथ को चूमा 

उनकी आँखें भर आयीं थी 

मैं एक पल को द्रवित हुई

मैं खुश थी 

मैंने अपने घर लौटने के लिए ओला बुक कर लिया था ।


जुनून



वे दौड़ाए सरदार युवा को 

वह भाग कर घुसा एक गली में 

फिर उसकी कोई खबर न मिली 

दंगे की  याद ने बहन की आँखें भर दी ।

दोस्त किताबें



गरीब गुरबा साहित्य प्रेमी

पढ़ता है किताबें इंटरनेट पर

ये किताबें अपने रहने के लिये जगह नहीं मांगती  कमरे में

उसकी प्यारी दोस्त किताबें उसके के संग संग रहतीं हैं ।


रविवार, 28 जून 2026

लड़कियां और मकान




मध्यवर्ग में 

मकान मिले बेटे को

लड़कियां ब्याही जाती हैं मकान धारी बेटों से

जिनका ब्याह न होय वो भाग जातीं हैं घर छोड़ कर

लड़कियों का मकान नहीं होता 

हर घर में परमानेंट सेविका है

उनकी तनख्वाह उनके निकटस्थ ले जाते हैं 

सेविका बन किसी के घर में जी लेने  की नियति है उनकी ।

सोमवार, 22 जून 2026

पीले टोपी सफेद टोपी



सफेद टोपी आदेश दे रही है सड़क से 

पीली टोपी खम्बे पर काम कर रही है

बिजली गुल है 

मैं परेशान हूँ

जनरेटर  नहीं है घर में

मुझे पीली टोपी से कोई मतलब नहीं ।