बुरे , दुखद संबंधों से अलग होना उस पल की मुक्ति है
नए सुखद संबंध बना पाना स्वतंत्रता है
उलझन मिटना नहीं
उसको सुलझाना हमारी मानसिक परिपक्वता है
माता पिता के कटु अनुभूतियों को सीखना
हमें जिंदगी में तेज चलना सिखाता है
बारंबार निकटस्थों की ओर स्मृतियों का लौटना
जोड़े रहता है हमें
अपनी जड़ों से
अतीत का भूलना दिगभ्रमित करता है
कमजोर करता है
उम्र के साथ मजबूती आना ही जीवन है ।