गुरुवार, 6 अगस्त 2026

जिम्मेवार औरत


 

 

आदमी छोड़ के भाग गया औरत और एक बेटा बेटी को

 

औरत हाड़ तोड़ काम करती रही

 

बर्तन मांजती रही

 

पोचा लगती रही बड़े घरों में

 

बेटा बड़ा हो के भाग गया किसी लड़की से ब्याह कर के

 

घर जमाई बन गया

 

और लौटा

 

दो बच्चों का बाप बन के

 

बेटा महीने में दस दिन काम करता है

 

बाकी समय

 

अपनी औरत से लड़ता है

 

बिनब्याही बेटी दूसरे शहर कमाने चली गई

 

और

 

आज अपना और अपने बेटे के परिवार पाल रही है ।

निर्दोष कैदी


 

 

 

बाइस साल जेल में बिताने के बाद

 

जेल ने कैदी को निर्दोष साबित किया

 

क्या भाग्य को दोष दूं

 

या

 

ईश्वर को

 

घर लौटा तो निकटस्थ मर गये थे गरीबी की मार में

 

छोटा सा मकान मिट्टी में मिल गया था

 

अब कैदी परिस्थितियों का कैदी था

 

भीख पर गुजारा कर रहा था ।

बुधवार, 5 अगस्त 2026

आदिवासी समाज में प्रेम विवाह



हमारे समाज में मॉब लिंचिंग नहीं होता 

मेरी आदिवासी कामवाली ने मुझे समझाया 

मेरा बेटा दूसरे समाज की लड़की से ब्याह कर लिया 

मैने भोज दिया पूरे समाज को 

और 

हमारे समाज ने मेरे बेटे बहू को अपना लिया।

मंगलवार, 4 अगस्त 2026

भगवान के पैसे


 

 

कम आमदनी थी

 

ऑफिस जाने का भाड़ा के लिए

 

वह अपनी माँ के भगवान के सामने रखे सिक्के चुरा लेती थी

 

भगवान जी !

 

मैं अगले महीने तनख्वाह मिलने पर लौटा दूंगी

 

और

 

वह हर महीने भगवान की मूर्ति के सामने वापस रख भी देती थी

 

हर महीने कोई नई जरूरतें पैदा हो जातीं थीं

 

और

 

उसे भगवान के सामने रखे पैसे उठाना पड़ता था ।

 

 

 

शुक्रवार, 31 जुलाई 2026

ऊंची जाति की शान


 

 

वह प्राइवेट सि्कयुरिटी गार्ड था

 

उसने शान से कहा था

 

हम ऊंची जाति के है

 

ये लोग अंबेडकर वाले है

 

आखिर कैसे यह विचार पनपा उस शहरी गार्ड के मन मे

 

सोचनीय मुद्दा है ।

मंगलवार, 28 जुलाई 2026

सुख का पौधा


 

 

 

मन के अंधियारे में लगा

 

एक सुख का पौधा

 

सूखे ना

 

सदा रहे हरियाया

 

दुख के बादल में

 

ग़म के कुहासे में

 

न फले और न ही फूले

 

प्राणवायु बने

 

नैनों में चमके ।

सोमवार, 27 जुलाई 2026

पिता और बेटी





बेटी का मन ठहरा रहता है आजीवन पिता के पास


पिता गुजर भी जायें 

तो

हर सुख दुख के पल में वे याद आते हैं बेटी को


पर पैतृक मकान मिलता है बेटे को


और बेटी के पैतृक मकान की रूपरेखा बदल जाती है