रविवार, 5 अप्रैल 2026

प्रवासी मजदूर

 


 

1

 

 

पुरुष जा रहे गांव

 

गैस सिलिंडर पांच हजार का ए

 

होटल बंद

 

क्या खाएंगे

 

क्या पत्नी , बच्चों को खिलाएंगे

 

क्या गांव में भेजेंगे

 

स्टेशन में गांव लौटनेवाले  मजदूरों की भीड़ है

 

लौटेंगे जब सिलिंडर का दाम कम होगा

 

 

 

2

 

 

शहर में महिला

 

 

अकेली है

 

माता पिता चिंतक हैं

 

सिलिंडर का दाम पांच हजार हो गए

 

इंडक्शन खरीदने के लिए पांच हजार भेज देना

 

पानी खरीद कर पीती हू 

 

खर्चे बहुत है

 

पिता चिंतित है

 

मां दुखी है

 

शादी हो गई होती लड़की की तो निश्चिंतता होती

 

लड़की  व्यस्त है  ..... मस्त है

 

कहीं युद्ध हुआ है

 

देशवासी त्रस्त है

 

 

 

3

 

 

प्रवासी मजदूरों के लिए

 

छोटू सिलिंडर योजना शुरू  की गई है

 

हम पता करेंगे

 

कैसे नहीं मिल रहा कुकिंग गैस सिलिंडर।

मैं अनबुझ हुं


 

 

पिता के मकान में

 

गरीबी के पल में

 

बच्चों समेत सीमेंट के फर्श  पर सुस्ताती हूं

 

याद आता है

 

दादा का  गांव का विशाल मिट्टी का मकान

 

मिट्टी के फर्श पर चाची के बगल लेटा निश्चिंत बचपन

 

हर शाम व्यस्त हो जाती हू ड्राइंग  रूम की बहस मे

 

गुटबाजी में

 

पितृ सत्ता को कोसने मे

बुधवार, 1 अप्रैल 2026

घर ही जीवन है ।


 

 

 

हर घर में कोई न कोई रहता है

 

मां, बहन , भाभी , मौसी , बुआ , भांजी , भतीजी

 

हर घर पुकारता है

 

थके यात्री को

 

रिश्तों को

 

पुरुष रिश्तों को .....

 

मकान में घर है

 

और घर में मिठास है ।

 

गरीब वर्ग  अपना मकान अपनी पत्नी के नाम कर जाता है

 

स्त्री है तो घर है ।

 

 

 

 

शुक्रवार, 27 मार्च 2026

महिलाओं का उत्थान

 

 


 

 

 

असंतोष है

 

प्रतिक्रिया है

 

पर घर में ही संगठित नहीं है औरत

 

परिवर्तन कैसे हो

 

सत्ता क्या बदलेगी

 

खाली राजनीतिक मुद्दा हैं औरतें

 

मीडिल क्लास वर्ग हो या मजदूर वर्ग हो

 

घर की आर्थिक आय बढ़ाने का श्रोत हैं औरतें

 

चार कदम आगे हैं

 

पर उसी पल वे तीन कदम पीछे हो जाती हैं औरतें ।

सोमवार, 23 मार्च 2026

जेंडर इनएक्यूएलिटी

 


 

 

किसी ने न बुलाया उसे

 

अपने तीज त्यौहार में

 

घर के शादी , मरण में

 

मकान के दूसरे हिस्से में रहनेवाले उसके सगे भाई को बुलावा आता रहा

 

हर घर से

 

वह रहती रही अपने बच्चों के साथ समाज से कटी ।

 

शायद भगवान ने भी अपनी निगाहें फेर ली थी ।

गुरुवार, 12 मार्च 2026

सोंच में पड़ी हूं।


 

 

ईरान में जंग  छिड़ी

 

मेरे दे मे

 

कुकिंग गैस की किल्लत हो गई ।

 

मै परेशान हो गई

 

दो हजार दो  एक भरा सिलिंडर ले जाओ

 

दिव्य ज्ञान मिला मुझे

 

आंख से खून टपका मेरे

 

चिंता न करनी चाहिए सिलिंडर की

 

सरकार समाधान करेगी समस्या का

 

एक महिला ने मुझे ढाढस दिया

 

मुझे कोविद काल यादया

 

देखते देखते कितने परिचित काल के गाल में समा गये थे

 

मैने अपने पासबुक को जोर से पकड़ा

 

इसमें मात्र हजार रुपये थे इस वक्त

 

कहा  से लाऊंगी बाकी के हजार रुपये

 

सोंच में  पड़ गई

 

होश है

 

तो

 

कल्पना ही

गुरुवार, 5 मार्च 2026

जीवन संध्या में गृहणी

 

 

थका हारा मेरा मन

 

कभी खुद

 

तो

 

किसी के कहने पर मजबूरी में

 

घर में

 

देवी देवताओं के पूजन के कर्मकांड लगा रहता है

 

हर दिन किसी न किसी देवी देवता का है

 

थक जाती हूँ मैं

 

रसोई और रिश्तों का सम्हालते

 

अपने लिए कोई समय नहीं

 

इतना करने पर भी मुझम ही कमी है लोगों की निगाह मे

 

आज सोचूँ मैं

 

क्या हर अपने काम के बाद  ईश्वरीय बंदन मौन हो के क्यों नहीं किया

 

क्यों मैने दूसरों की नकल किया

 

क्यों अपना समय कर्मकांड में खोया

 

धनोपार्जन के बारे में न सोंचा

 

क्यों निर्भर रही आजीवन

 

किसी के पैसों और मका के सहारे जीवित रही