शनिवार, 1 नवंबर 2014

बला का कर्मठ निकला वह


31 October 2014
07:59
-इंदु बाला सिंह

पापा कमाने गये हैं
बचपन से सुनते सुनते
पापा के
स्वर्ग में चले जाने की खबर मिली
एक शाम
फिर मिली खबर
एक दिन
माँ के पैरों के नीचे की जमीन छिन जाने  की
पर
बला का कर्मठ निकला
वह बेटा
अपना कदम रखने के लिये
उसने
अपनी जगह खुद बना ली
उसे अब
न तो पैतृक सम्पत्ति की जरूरत थी
और न ही मातृ सम्पत्ति की
उसने
अपना नसीब अपने हाथों लिख डाला |

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