29
October 2014
10:15
-इंदु बाला
सिंह
अब क्या पढूं
बहुत सोंच
विचारा के
गृहणी ने
ले
लिया दाखिला एम ० बी० ए० में
अरे !
अब न पूछना
क्यों ?
अरे भाई !
नौकरी नहीं करना है उसे
तो क्या हुआ
पड़ोस में धाक तो रहेगी
रिश्ते मैनेज होंगे
मुहल्ला मैनेज होगा |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें