शनिवार, 1 नवंबर 2014

रस्सी और सांप


02 November 2014
07:59
-इंदु बाला सिंह

हाय री कुंडली 
ये शब्द ही कितना भयानक 
रस्सी भी दिखती 
मुझे अब भयानक सर्प 
दुःख के अंधियारे सागर में 
कैसे थामूं 
मैं 
तेरी जल में फेंकी 
मेरी प्राण रक्षक रस्सी |

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