शनिवार, 1 नवंबर 2014

लड़की का भाग्य


01 November 2014
22:00
-इंदु बाला सिंह

शब्दहीन हो जाती हूं
मैं
आज जब सुनती हूं
जीने के लिये
अपने सौभाग्य के लिये
समाज में अपनी पहचान के लिये
अपनी सुरक्षा के लिये
पच्चीस साल की लड़की ने
ब्याह किया
चार बार विधुर हुये
सत्तर वर्षीय पुरुष से |

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