02
November 2014
09:32
-इंदु बाला
सिंह
मैंने
पुछा अपने मित्र से ..
अरे यार !
क्या रेट चल
रहा है सामान का
बताना जरा
बिटिया का
ब्याह करना है
और
वह सुनाने लगा
.....
आई० एस० का
रेट
डाक्टर का रेट
इंजीनियर का
रेट
और
मास्टर का रेट
घबरा कर मैंने
कहा ....
अरे यार !
मैं तो मैं तो
जेवर कपड़ों का रेट पूछ रहा था
मुझे नहीं
मालूम था
कि
दुल्हे भी
बिकते हैं अब भी
वरना
बिटिया की
पढाई में रूपये न लगाया होता |
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