सोमवार, 3 नवंबर 2014

हार जरूरी है


03 November 2014
09:55
-इंदु बाला सिंह

अप्राप्य की अभिलाषा
लिये चलते हैं हम
जान बूझ कर
न जानें क्यों खुद को छलते हैं हम
शायद
आनेवाले कल की जीत के लिये
आज हमारी हार जरूरी है |

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