मंगलवार, 14 अक्टूबर 2014

हम कुत्ता पालते है


21 September 2014
17:59
-इंदु बाला सिंह

नसीबोंवाला होता है
वह
जिसके घर में खिलखिलाती है प्रकृति
वरना
किसे फुर्सत है फूल लगाने की
आज
स्वार्थ में डूबे हम
कुत्ता पालते हैं साथ के लिये
यह जानते हुए भी
कि
कुत्ते का दिमाग बच्चे सा होता है
और
अपनी सुरक्षा के लिये
भोजन के लिये
हमारे न रहने पर
हमारा पालतू
हमारे इन्तजार में
त्याग देगा अपने प्राण |



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें