17
October 2014
20:58
-इंदु बाला
सिंह
अधबनी
दिन में
ढलाई की हुयी सड़क
पर
रात उतर आयी
है
शीतलता बिखेर
रही है अपनी
सो रही है
सड़क
बड़े बड़े
बोल्डर लगा कर
ट्रैफिक रोकी
गयी है
सन्नाटे में
बालू के ढेर
पर
चढ़ कर
सो
रहे है दो कुत्ते
मौन खड़ा है
मिक्सर
टैकर
और
टैंकर की
ड्राईवर सीट
पर
में सोया है
चौकीदार
सुरक्षा के
लिये
अपनी अधबनी
सड़क की
सुबह होगी
फिर
आ जायेंगे
गाड़ियों में भर भर के
मजदूर
.....
कितना
मुश्किल होता है सड़क बनाना
तभी तो
गांवों में
दिखती हैं
कच्ची सड़कें
जो बरसात में
भर जाती हैं पानी से
कितना धीमा
होता है
दूरस्थ
बस्तियों तक
सड़क
का पहूंचना |
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