मंगलवार, 14 अक्टूबर 2014

बड़े घर का बचपन


27 September 2014
08:51
-इंदु बाला सिंह

बचपन खिलखिलाता है
कामवाली बेटियों की बाहों में
और
सजता है
खूबसूरत खुशबूदार कांजीवरम साड़ियों की गोद में |
कामवाली बेटियां
पढ़ न पायें तो क्या हुआ
जी लेती हैं सुरक्षित
बड़े घर के 
बचपन के संग |

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