शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2014

कहानी कहते कहते


25 October 2014
00:04
-इंदु बाला सिंह

कहानी
कहते कहते
माँ ने
जब आखें खोलीं
तो देखा 
उसने अपनी सन्तान को सोते हुये
और
कहानी कहना उसका सार्थक हुआ
लेकिन
उसकी  नींद चली गयी
क्योंकि
वह
अब अपने बचपन में
चली गयी थी
और
उसके बगल में
भूत की कहानी सुना के
सोयी चाची 
फुस फुस आवाजें निकाल रही थी ........
वह
बड़ी बड़ी आँखों से
कच्चे दालान की अंधेरी दीवारों पर
चुड़ैल को ढूंढ रही थी |

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