गुरुवार, 16 अक्टूबर 2014

किंडरगार्टन


16 October 2014
11:46
-इंदु बाला सिंह

मम्मी
पापा
काये
तीन शब्द बोलनेवाला बच्चा
जाता है
किंडरगार्टन स्कूल
और
माँ मारती है गप्पें
कितने शान की बात होती
बच्चे को
स्कूल भेजना
आखिर अभिभावक भी तो बनते मित्र
भूल जाते हम
कि
कुछ न बोल पानेवाले
बच्चे को
जब
हम
स्कूल भेजते
या
कामवाली के संग छोड़ते
घर में अकेले
तब
क्या महसूस करता होगा बच्चा ....
ये कैसा भविष्य बना रहे हैं
हम
अपने बच्चों का
और
विद्यालय को दोष दे
अपना हाथ धो ले रहे हैं
बहती गंगा में
आज |


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