बुधवार, 15 अक्टूबर 2014

भाषण


01 October 2014
01:32
-इंदु बाला सिंह

यथार्थ से दूर
अपनी खोल में रहते हम
बाहर निकलते हम
केवल भाषण देने
काश
भाषण पर राशन होता |

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