बुधवार, 3 दिसंबर 2014

ऋण ही शत्रु


03 December 2014
13:48
-इंदु बाला सिंह


मातृ ऋण 
पितृ ऋण
या
कोई भी ऋण हो
न तो
देना भला
और
न ही लेना ........
कि
ऋण से बड़ा शत्रु
कोइ जग में |

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