रविवार, 7 दिसंबर 2014

हम सदा निश्चिन्त रहे


08 December 2014
09:54
-इंदु बाला सिंह



मुंह का उपयोग डट के किया हमने
मनाभाया खाया और बका हमने
मस्त मस्त जीवन जिया हमने
हम न जानें तेरी उसकी बातें
हम तो पिया की प्यारी पुत्रवती रहे
सदा निश्चिन्त और मस्त रहे |

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