गुरुवार, 11 दिसंबर 2014

मौसम से न घबराऊं


23 November 2014
22:03
-इंदु बाला सिंह

खड़ी थी
खड़ी रही हूं
खड़ी रहूंगी
जब तक है सांस
मेरे तलवे के नीचे की जमीन है मेरी ..
देखने का है मन
अब तेरा दम 
तेरे नकली मौसम से
न घबराऊं मैं |

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