10
December 2014
12:41
-इंदु बाला
सिंह
जन्मदाता ने
कर महादान
उसका
सुरक्षित कर
ली थी कुर्सी स्वर्ग की
और
अब उसकी बारी
थी
वह क्यों
पीछे रहे
उसने भी कर
दिया आज
अपनी कन्या
का दान
अपने दुखों
की पोटली के साथ
अब वह खुश थी
चिंतामुक्त
थी
उसने
अपना कर्तव्य भलीभांति निभाया था |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें