रविवार, 14 दिसंबर 2014

हमारे नाम पे खाना मिला


15 December 2014
08:16

-इंदु बाला सिंह

आजीवन पैदल चले थे हम
उठा लिया तुमने
अपने कंधे पर
चलिये  कोई बात नहीं
हमारे नाम पे
भूखों को खाना मिल गया |

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें