25
December 2014
12:07
-इंदु बाला
सिंह
बड़े
लोग हैं आप ... भई !
आप तो
शापिंग करते
हैं ........
मुर्गा काटते
हैं .......
मछली तो बड़ी
टेस्टी लगती है .....
हर धाम की
यात्रा करते हैं .......
कहते हैं कि
जिसे बुलावा आता है ..वही पहुंच पाता है दाता के दरबार में .........
हम तो
आम आदमी हैं
.........
शापिंग
जन्मदिन में कलेजा कड़ा कर के करते हैं .......
मुश्किल से घर
चला पाते हैं ...........
सन्तान को
स्वावलंबी बना पाते हैं .........
हमारा धाम तो
हमारी संतानें
हैं ........
हम छोटे हैं
.... भई !
तो क्या हुआ
........
हम खुश हैं |
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