08
December 2014
07:47
-इंदु बाला
सिंह
छोटे सी मैं
छोटी
बुद्धिधारी हूं
समझ न आये
मुझे तेरी
बड़ी बड़ी बातें
मुझे तो है
बड़ी भूख लगी
ठंड
भी लगती है ......
काम
दो न ........ए बाबू !
अपनी कमाई से
पेट भर लूंगी
तेरा
दान न चाहूं मैं |
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