01
December 2014
17:38
-इंदु बाला
सिंह
एक हैरतअंगेज
सपना
है देखा
मैंने
बिजली
, पानी
की तरह
घर में
पुस्तकें
भी सप्लाई हो रही हैं …..
जब जलावन गैस
की पाईप घर में आ रही है
तो
पुस्तकें
क्यों नहीं
फिल्मों की
डी० वी० डी० क्यों नहीं ?
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