04
December 2014
08:30
-इंदु बाला
सिंह
बड़े भक्त
जीत ही लेते
हैं संसार
रहो
बड़े ..............................
हम तो छोटे
हैं
धूल हैं
अपनी धरा के
हम क्या जाने
कर्मकांड तेरे
हम तो जन्मे ही पत्थरों के टूटने से
उठाता है जब
वक्त हमें
तब श्रृंगार
बनते हम उसके माथे का |
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