08 August
2014
11:37
-इंदु बाला
सिंह
अपनों
के
सर पे
चढ़ के
जब धन बोले
क़ानून मिट्टी
में
घुस
जाये |
कौन कहता है
आत्माएं
डोलती हैं
अपनी जमीन पे
धन की लाठी
लगे
तो
भागें
जमीन से
भूत सारे |
धन और बल
बनाये
निर्भीक हमें
सच सकुचाये
झूठ का वैभव
देख के
कलम की
बेईमानी परख के
बड़ी बड़ी
अट्टालिकाएं
मुंह चिढ़ाएं
सच को देख के
झोपड़ी
में |
ये कैसे
रिश्ते
कैसे नाते
जो
मुंह फेरते
रक्त सम्बन्धी
से
हजम ही कर
लेते
हक को उनके |
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