रविवार, 10 अगस्त 2014

निश्छल रिश्ते


11 August 2014
06:57
-इंदु बाला सिंह

प्यार और विश्वास की डोर से
बंधे झूले में
मन झूले
तू क्यों जले
तू भी झूल ना
डोर नहीं तो ले जा ना
निश्छल रिश्तों की डोर आज
कि
आहा !
आया रक्षा बंधन आज |

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