13 August
2014
20:43
-इंदु बाला
सिंह
उसने ब्याह न
किया था
अपने कुनबे
में रहती थी वो
पर
अपनी माँ का
खर्च उठाती थी
उसका भाई
अपने परिवार
में व्यस्त था
और
अपनी
माँ की ओर से निश्चिन्त था |
वह
माँ के लिये
शहर में एक
कमरा भाड़े में ले रखी थी
और
ख्याल
रखती थी वह माँ का |
हर तीज
त्यौहार में
वह कपड़े ले के
आती थी
अपनी माँ के
लिये
जिसने आजीवन
घरों में काम कर के
पला था बच्चे
अपने पति की
मौत के बाद
और
आज उसे सुख
पहुंचा रही थी
उसकी बेटी
जो कि हिजड़ा
थी |
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