रविवार, 3 अगस्त 2014

प्रेम गागर


02 August 2014
07:05
-इंदु बाला सिंह

सरल और मूढ़
दोनों एक समान
दोनों हैं प्रेम के गागर
जग पीये छककर
नहाये जीभर
प्रेममय हो बौराये
और
छीना झपटी में फोड़ दे गागर |

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