रविवार, 3 अगस्त 2014

भय


04 August 2014
11:54
-इंदु बाला सिंह

वह खबर
जो जेहन में ही रही
फुसफुसाती सी
कभी कभी बज जाती थी दिमाग में ........
तब
वह भींच लेती थी
अपने बच्चे
और
मन ही मन भयातुर हो जाती थी
बुदबुदाने लगती थी |

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