03 August
2014
23:16
-इंदु बाला
सिंह
आज
सावन का
आखिरी रतजगा है सड़क का
कल
से उंघेगी सड़क
मुहल्ले
सोयेंगे
केवल लौह
कारखाना जागेगा
रात भर
सदा की तरह
कितनों का पेट
भरता है
यह कारखाना
और
रात दिन जागता
भी है
ऐसे ही सड़क
छठ पर्व में
भी रतजगा करती है |
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