05 August
2014
23:14
-इंदु बाला
सिंह
हम जोगिन
नहीं
सेनानी हैं
युद्ध से न
घबरानेवाले
हम सैनिक
मतवाले हैं
सौ के बराबर
हम अकेले
तुम्हें छठी
का दूध याद करायेंगे
हमारी यह कलम
कलम नहीं
अंगारा है
लिख
जायेंगे अपना इतिहास
और
हर काल में
पैदा होगी हम सरीखी
विप्लवी
कन्या
युद्धरत
रहेगी छली अपनों से
महाभारत अब
होगा
द्रोपदी के
अपमान के लिये नहीं
उस
गाँव के लिये
जिसे
तुम हर जन्म
में
बिन मांगे
देने का स्वप्न दिखाते हो
अपनी बेटी को
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