18 August
2014
19:32
-इंदु बाला
सिंह
ब्याह
के लिये राजी हुआ
वह
कुब्जा बिटिया
से
और
भाग खुला
कुब्जा के बाप का
बिदा किया
उसने
बिटिया को |
दूसरी पत्नी
बनी कुब्जा से
भाग खुला
चार बच्चे घर
में छोड़ के भागी पत्नी के मजदूर पति का |
कुब्जा ने
मालिक के घर में काम कर
रहने को घर
दिलवाया पति को
और
सजाया अपने
नसीब को सौतन के बच्चे पाल |
नसीब ने
जन्माया
कुब्जा के गर्भ से एक
मानसिक अपाहिज
बच्चा |
कुब्जा से
पले सौतन के
सुंदर सलोने
चारो बच्चे
बसे
अपने अपने घर
में
और
अपने नसीब का
सलीब ढो रही कुब्जा
अब
अपने बूढ़े पति
और अपाहिज पुत्र संग
क्योंकि
अब कोई मालिक
उसे काम न देने को तैयार |
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