30 July
2014
13:04
-इंदु बाला
सिंह
अच्छा हुआ
माँ
तुमने बेटी
कह कर पुकारा सदा
पर
न जाने
कैसे
समय ने
बेटा बना
दिया मुझे
और
मैं तुमसे
पिता से
जग से
बेटे सरीखा
व्यवहार
व
हक
के लिये लड़ती रही
सेनानी बनी
रही
आज भी
जिन्दा है
सैनिक मेरे मन में
दहाड़ता रहता
है
रुक रूक के |
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