28 August
2014
11:08
-इंदु बाला
सिंह
पक्के दोस्त
वे होते हैं
जब हमें
बुखार लगता है
तो उनका भी
बदन दर्द होने लगता है
हमारा मन
रोता है तो
उनका दुखड़ा
भी हमारे सुर में सुर मिलाता है
और
हमारी प्यारी
मित्र कामवाली को भी अपनी बीमार बिटिया याद आ जाती है
कुछ दिनों तक
दोनों
हमारे घर का रास्ता भूल जाते हैं |
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