गुरुवार, 4 सितंबर 2014

माँ में भविष्य है


01 September 2014
19:35
-इंदु बाला सिंह

रुलाना न कभी माँ को
तड़पेगा बच्चा
चाहे वह हो गर्भ में
या
गोद में
माँ में बसती
मातृत्व की सुगंधि
सांसे लेती उसकी औलाद
और
मातृत्व को मुखरित करता अपनी आपनी भाषा में
हर माँ में छिपा है
मानवता का भविष्य
देश का भविष्य
हर माँ को
उसका अधिकार दें
उसे सम्मान दें
उसे पूजे नहीं
जीने दें |

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