28 August
2014
21:41
-इंदु बाला
सिंह
समाज पुरुष
को सर्वोपरि रखता है
पिता पुत्र
को मजबूत करता है अपना मकान दे के
पुत्र खुद
रहता आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर
तो
भला क्यूं न हो घर में पुरुष का शासन
तीनों गुणों
से वंचित महिला
माँ या बड़ी
बहन ही क्यों न हो
भला कैसे पाए
घर में
निर्णय का
अधिकार
मान सम्मान
घर की महिला
को मिली आर्थिक आत्मनिर्भरता का फायदा भी तो
हजम कर लेता
पुरुष |
सुन लड़की !
शक्ति दान में
नहीं मिलती
पूरी ताकत लगा
के अर्जित करनी पड़ती है
युद्धस्तर में
हर महिला को
जब
तक निज प्रगति का यह पाठ
न बांधेगी
लड़की गाँठ में
तब तक
हर घर की बेटी
अस्तित्वहीन
ही रहेगी
निज घर में |
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