09
September 2014
13:09
-इंदु बाला
सिंह
अहा
!
इस बार
जन्मदिन के अवसर में
मौजूद है मेरा
बेटा
माँ खीर पूड़ी
बनायी
टीका लगा कर
बेटे को
आरती उतारने
के लिये थाल सजायी |
माँ की
प्रसन्नता देख रही थी
घर की बड़ी
बिटिया
जिसका जन्मदिन
मनाना कभी याद ही न रहा माँ को
कुर्सी पर
बैठा पुत्र को
माँ ने टीका
लगा
आरती उतारा और
आवाज लगायी बिटिया को
भाई को उसे भी
तो टीका लगाना था न
पर
बहन घर में
रहती तब न सुनती
वह तो
पड़ोसन आंटी के
घर घूमने चली गयी थी |
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