शुक्रवार, 5 सितंबर 2014

शिक्षक ही ध्रुवतारा है


06 September 2014
07:16
-इंदु बाला सिंह

हृदय की ज्योति जगानेवाला
धरा को रौशन करनेवाला  
शिक्षक सा उर्जा पुंज न कोय
मानहानि न करना उसका
उमड़ पड़ेगा सागर
जब बिजली सा चमकेगा वह
बादल सा मन घुमड़ेगा
मन उसका
तब एक झोंका आयेगा
सुनामी का
और
हाथी ही बच पायेगा
गर पहाड़ रहा तो
शिक्षक ही तो तेरा सितारा है
तेरा
अपना प्यारा ध्रुवतारा है |

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें