20
September 2014
09:03
सुन
डिक्शनरी !
त्तेरे
अनुगामिनी शब्द ने
ऐसा जादू डाला
है
कि
आज हर स्त्री
तलाशती एक पुरुष
जिसकी
वह अनुगामी बन
सके
स्त्री खुश है
घर में
और पुरुष पिछड़
रहा है
घर ढो ढो के
चिंतित रहता
है वह सदा
सडकों पर
असुरक्षित हैं बेटियां
सुन !
मैं उस शब्द
को
तेरे शब्द कोष
में न छापूँ
तो
तुम दुखी तो न
होगे |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें