03
September 2014
09:48
-इंदु बाला
सिंह
अहा
!
जी उठे हम
आज
खुश हुये हम
पा के अपने
वर्चुअल मित्रों को |
इंटरनेट ने
समझाया ...
देख मेरी जान
!
तुझे मार के
पुनर्जीवित करने की
क्षमता रखते
हैं हम
तुम्हें अपनों
से भी मिलवाने क्षमता रखते हैं हम
अब मिल भी लो
न अपनों से
खोल के टीम
वीयुअर
मुस्का के कहा
इंटरनेट ने ...
तो
हमने भी हंस
के कहा ......
' थैंक यू
भैय्या ' |
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