03
September 2014
07:20
-इंदु बाला
सिंह
माँ के पीछे
छिप बाण चलानेवाले
मेरे सामने
आने से
क्यूं डरते हो
बाहर निकलने
की राह में मेरी
ताला मार चल
दिये तुम
पकड़ा चाभी माँ
को
यह कह कर
......
नहीं खोलना
उसके निकासी मार्ग का दरवाजा
पर
मैं तो निकलती
रही
पीछे के
दरवाजे से बाहर
अपना दैनिक
कार्य करती रही
कैसी दीक्षा
दी थी तुमने
मुझे अपमानित
कर के तृप्त होने की मेरे सहोदर को
ओ मेरे
पिताश्री |
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