रविवार, 14 सितंबर 2014

बी० पी० एल० कार्ड०


12 September 2014
11:34
-इंदु बाला सिंह

उसका चावल
मिलाया
अपने चावल से
तो पाया
मैंने
हमदोनों के
चावल तो एक से थे
पर
दुकानें अलग थीं
धंधे अलग थे
हमारे रहने का स्तर अलग था
वह कामवाली थी
मैं
अध्यापिका थी
और
हम दोनों छतविहीन थे |

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