मंगलवार, 16 सितंबर 2014

निर्मल हृदया


17 September 2014
07:28

-इंदु बाला सिंह

नदी का जल होती हैं बेटियां
सींचती हैं
जोड़ती हैं
तृप्त करती हैं
गन्दगी ढोती हैं
और
मिल समुद्र में नमकीन हो जाती हैं
सुनामी ढाती हैं
निर्मल हृदया बेटियां |

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