मंगलवार, 8 जुलाई 2014

आक्रामक सैनिक


17 June 2014
16:10
-इंदु बाला सिंह

हमारी
आँखों के आंसू
जब
दर्शक के सामने बहते हैं
आँखों से
तब
कहानियां बनते हैं
लोगों की सहानुभूति बटोरते हैं
अपनों की इर्ष्याग्नि ठंडी करते हैं
पर
वही आँसू
जब हमारी आँखों से
अकेले में बहते हैं
तब
वे
पानी बन जाते  हैं
और
हमें  फौलादी  बनाते हैं ........
हमें जीवन - जंग का आक्रामक सैनिक बनाते हैं |

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