मंगलवार, 8 जुलाई 2014

आंसू क्यों न निकालती


30 June 2014
10:08
-इंदु बाला सिंह

औरत
रोती है
दुःख में ......
वो
औरत
औरत नहीं है
जो रोना न जाने ...........
सुन
ओ री पड़ोसन !
मान रखना है समाज में
तो
रोना सीख
फिर
देखना
गली गली चर्चा होगी
तेरी समस्याओं की
सहानुभूति मिलेगी तुझे
महिला बैठक में
और
तेरा नाम भी होगा .......
ओ री !
क्यूँ तू हंसती रहती है
दुःख में भी ........
मुहल्ले की औरतें
सान मटकी करें
ठिठोली करें ..........
देख
इसका न
जरूर
कोई यार है |

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