शनिवार, 26 जुलाई 2014

मर्द की कीमत


27 July 2014
08:06
-इंदु बाला सिंह 

मर्द की कीमत
दिखने लगी घर में
जब
पति के गुजर जाने के बाद
घर
कामवालियों का
ड्राइंग रूम बन गया
बगान में
बड़ी बड़ी घास उगने लगी
मकान के अगल बगल
कचरे का ढेर
धीरे धीरे
उगती घास के साथ साथ ही
उंचा होने लगा
हित मित्रों का आना घर में बंद हो गया
अपनों के शादी ब्याह में
मौत में
कार्ड मिलना बंद हो गया
फोन पे
खबरों ली दी जाने लगी
अपनों द्वारा
क्यों कि
वे मकान पे
किसी के
कब्जा होने के
भय से भयभीत थे |

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