19 July
2014
22:00
-इंदु बाला
सिंह
सीधी साधी
बिना सजे धजे
स्कूल आनेवाली
पित्रहीन टीचर
छात्र और
अभिभावक
दोनों के मन
को भाती थी
फिजिक्स विषय
में
छात्रों का मन
मुग्ध करनेवाली
टीचर के बाल
में उगने वाली सफेदी देख
छात्र चितित
हो चले ...
एक दिन
एक्स्ट्रा क्लास में पूछ बैठे ..........
टीचर आप शादी
नहीं करेंगी
आप बुड्ढी हो
रही हैं ........
मेरे लिए
किसीने लड़का ही नहीं ढूंढा ......
हम लोग
ढूंढेगे टीचर ........
मैं जानता हूं
एक भैय्या को ........
वो इंजीनियर
हैं ...........
पर उनकी दूकान
है ...........
आपको तो पैसे
से मतलब है न ..............
और टीचर
विस्मित थी
अपनी बारहवीं
कक्षा के छात्रों की समझदारी पे |
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