30 June
2014
07:07
-इंदु बाला सिंह
मन का
व्यवहार का
बदलाव ही ला सकता है
रीतियों में परिवर्त्तन
व
समानता का सुख
बेटी और बेटे में
कैसा महसूस हुआ होगा
उस
बिटिया से पूछो
जिसने भाई संग कन्धा दिया पिता की अर्थी को
और
अपना बाल भी मुडवाया
बिन बोले ही दिखाया
जग को
कि
अब वो पितृहीन हुयी |
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